Sahara Refund Payment List – सहारा समूह के निवेशकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सहारा रिफंड की भुगतान प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार 21 जिलों में भुगतान प्रक्रिया की शुरुआत हो चुकी है और लाखों निवेशकों की सूची जारी कर दी गई है। 17 फरवरी से भुगतान शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। यह खबर उन करोड़ों निवेशकों के लिए राहत भरी है जो वर्षों से अपने पैसे वापस पाने का इंतजार कर रहे थे।
सहारा मामले की पृष्ठभूमि
सहारा समूह का मामला भारत के सबसे बड़े वित्तीय घोटालों में से एक माना जाता है। 2011 में सेबी ने सहारा की दो कंपनियों – सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन – के खिलाफ कार्रवाई की थी। आरोप था कि इन कंपनियों ने अवैध तरीके से जनता से लगभग 24,000 करोड़ रुपये जमा किए थे। सुप्रीम कोर्ट ने सहारा समूह को निवेशकों का पैसा ब्याज सहित वापस करने का आदेश दिया था। तब से अब तक करोड़ों रुपये सेबी-सहारा रिफंड अकाउंट में जमा किए जा चुके हैं।
21 जिलों में भुगतान प्रक्रिया की शुरुआत
नवीनतम जानकारी के अनुसार देशभर के 21 जिलों में सहारा रिफंड की भुगतान प्रक्रिया शुरू की गई है। इन जिलों का चयन निवेशकों की संख्या और क्लेम की स्थिति के आधार पर किया गया है। प्रारंभिक चरण में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के प्रमुख जिलों को शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में सबसे अधिक संख्या में सहारा निवेशक थे। भुगतान प्रक्रिया सुचारू रूप से चलाने के लिए विशेष काउंटर और हेल्पडेस्क भी स्थापित किए गए हैं। धीरे-धीरे अन्य जिलों में भी यह प्रक्रिया विस्तारित की जाएगी।
लाभार्थियों की सूची जारी
सेबी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लाभार्थियों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में उन निवेशकों के नाम हैं जिन्होंने समय पर अपना क्लेम दाखिल किया था और जिनके दस्तावेज सत्यापित हो चुके हैं। सूची में निवेशक का नाम, पिता का नाम, पता, बांड नंबर और देय राशि का विवरण दिया गया है। निवेशक https://www.sahararefund.in पर जाकर अपना नाम चेक कर सकते हैं। सूची में नाम होने पर ही भुगतान मिलेगा। जिन निवेशकों का नाम सूची में नहीं है उन्हें अपना क्लेम दोबारा सबमिट करना होगा।
17 फरवरी से भुगतान की संभावना
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 17 फरवरी 2026 से भुगतान प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। हालांकि सेबी ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और जल्द ही औपचारिक घोषणा की जाएगी। भुगतान सीधे निवेशकों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। जिन निवेशकों ने अपने बैंक खाते की जानकारी नहीं दी है उन्हें चेक के माध्यम से भुगतान मिलेगा। प्रारंभिक चरण में छोटी राशि वाले क्लेम्स का निपटारा किया जाएगा।
कौन कौन से निवेशक हैं पात्र
सहारा रिफंड के लिए वे सभी निवेशक पात्र हैं जिन्होंने सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन लिमिटेड या सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड में निवेश किया था। निवेशकों के पास ऑप्शनली फुली कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (OFCD) होने चाहिए। जिन लोगों ने 2011 से पहले निवेश किया था और जिनका पैसा अभी तक वापस नहीं मिला है वे सभी पात्र हैं। मूल निवेशक की मृत्यु हो जाने पर उसके कानूनी उत्तराधिकारी भी क्लेम कर सकते हैं। नॉमिनी का नाम रजिस्टर होने पर प्रक्रिया और आसान हो जाती है।
भुगतान प्राप्त करने की प्रक्रिया
सहारा रिफंड प्राप्त करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर अपना नाम चेक करें। यदि आपका नाम सूची में है तो अपने सभी मूल दस्तावेज तैयार रखें। इनमें सहारा बांड या डिबेंचर सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी और पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। निर्धारित तारीख पर जिला कार्यालय या निकटतम सहारा रिफंड सेंटर पर जाएं। वहां अपने दस्तावेज जमा करें और सत्यापन करवाएं। सब कुछ सही पाए जाने पर 15 से 30 दिनों में राशि आपके खाते में आ जाएगी। कुछ मामलों में तत्काल चेक भी जारी किया जा सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
रिफंड क्लेम करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। सबसे महत्वपूर्ण है मूल सहारा बांड या निवेश सर्टिफिकेट। यदि यह खो गया है तो एफआईआर की कॉपी और एफिडेविट देना होगा। आधार कार्ड और पैन कार्ड अनिवार्य हैं। बैंक खाते की जानकारी के लिए रद्द चेक या पासबुक की कॉपी चाहिए। निवेशक की मृत्यु हो चुकी है तो डेथ सर्टिफिकेट, लीगल हेयर सर्टिफिकेट या सक्सेशन सर्टिफिकेट आवश्यक है। सभी दस्तावेज स्व-सत्यापित होने चाहिए। कुछ मामलों में नोटरी की भी जरूरत पड़ सकती है।
ब्याज सहित मिलेगी राशि
सहारा निवेशकों को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि मूल राशि के साथ 15% वार्षिक ब्याज भी दिया जाए। हालांकि बाद में यह दर घटाकर 9% कर दी गई। निवेश की तारीख से लेकर भुगतान तक का ब्याज जोड़ा जाएगा। उदाहरण के लिए यदि किसी ने 2010 में 1 लाख रुपये निवेश किए थे तो उसे लगभग 2.2 से 2.5 लाख रुपये मिल सकते हैं। ब्याज की सही गणना निवेश की तारीख और भुगतान की तारीख के आधार पर की जाएगी। यह राशि सीधे बैंक खाते में जमा होगी।
ऑनलाइन स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया
अपने रिफंड की स्थिति जानने के लिए सेबी की वेबसाइट www.sahararefund.in पर विजिट करें। होमपेज पर “Check Your Refund Status” या “Search Investor” का ऑप्शन मिलेगा। अपना फोलियो नंबर, बांड नंबर या आधार नंबर दर्ज करें। कैप्चा कोड भरकर सर्च पर क्लिक करें। यदि आपका क्लेम प्रोसेस में है तो विवरण दिखाई देगा। आप अपनी देय राशि, क्लेम स्टेटस और अगली कार्रवाई की जानकारी देख सकते हैं। वेबसाइट पर हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध है जहां कॉल करके भी जानकारी ली जा सकती है।
धोखाधड़ी से बचने के उपाय
सहारा रिफंड के नाम पर कई धोखाधड़ी की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ ठग निवेशकों से फीस या कमीशन की मांग कर रहे हैं। याद रखें कि सेबी कभी भी कोई फीस नहीं लेता। पूरी प्रक्रिया बिल्कुल मुफ्त है। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते की जानकारी या ओटीपी न दें। केवल आधिकारिक वेबसाइट पर ही अपनी डिटेल्स भरें। कोई भी एजेंट या दलाल दावा करे कि वह जल्दी पैसा दिला सकता है तो उससे बचें। किसी संदेह की स्थिति में सेबी हेल्पलाइन या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करें।
क्लेम न होने पर क्या करें
यदि आपने अभी तक क्लेम नहीं किया है तो जल्द से जल्द करें। सेबी की वेबसाइट पर “File New Claim” का विकल्प मिलेगा। ऑनलाइन फॉर्म भरें और सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। यदि आपके दस्तावेज खो गए हैं तो सहारा के रजिस्ट्रार से डुप्लीकेट सर्टिफिकेट प्राप्त करें। पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएं और नॉन-एवेलेबिलिटी सर्टिफिकेट लें। कानूनी सलाह के लिए किसी वकील से भी संपर्क कर सकते हैं। देर से क्लेम करने पर भी आपका अधिकार खत्म नहीं होता। हालांकि प्रक्रिया में समय लग सकता है।
निष्कर्ष
सहारा रिफंड की भुगतान प्रक्रिया शुरू होना करोड़ों निवेशकों के लिए बड़ी राहत है। 21 जिलों में शुरुआत के साथ यह प्रक्रिया धीरे-धीरे पूरे देश में विस्तारित होगी। 17 फरवरी से भुगतान शुरू होने की उम्मीद है हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। सभी पात्र निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से सेबी की वेबसाइट चेक करें और अपने दस्तावेज तैयार रखें। धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक चैनलों का उपयोग करें। यह एक लंबे कानूनी संघर्ष के बाद मिली जीत है और अब निवेशकों को अपना पैसा वापस मिलने की उम्मीद जगी है। धैर्य रखें और सही प्रक्रिया का पालन करें।



